Himachal Pradesh: फार्म बंद कर रहे छोटे किसान, 50 फीसदी बढ़े मशरूम के दाम

Himachal Pradesh: फार्म बंद कर रहे छोटे किसान, 50 फीसदी बढ़े मशरूम के दाम

 

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मशरूम सीटी सोलन में ही पांच हजार टन प्रति वर्ष कमी आ रही है। जो की सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया है। सोलन के साथ - साथ राज्य के अन्य जिलों में भी  मशरूम उत्पादन 60 फीसदी तक कम हो गया है। वहीं सोलन में किसानो ने हो रहे घाटे के कारण  फार्म बंद करना भी शुरू कर दिया है। जो की मशरूम के दामों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी कारण बन गया है। 

100 रूपए किलो मिलने वाला मशरूम अब 200 रुपए का 

बता दें की पहले सीजन समय पर मशरूम 80 से 100 रुपये प्रति किलो आसानी से मिल जाती थी, अब वही मशरूम 150 और 200 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। जिससे मशरूम खाने वाले लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। वहीं मशरूम सिटी सोलन में प्रतिवर्ष पांच हजार टन की कमी आ रही है। साथ ही उत्पादन भी 60 प्रतिशत तक गिर गया है। और किसान भी बड़ी संख्या में मशरूम उगाना छोड़ रहे है। इस विषय में मशरूम ग्रोवर एसोसिएशन जिला सोलन के प्रधान रत्न ठाकुर, संजय ठाकुर, परस राम, लक्ष्मी ठाकुर, केश्व शर्मा, प्रदीप शर्मा, महेंद्र ठाकुर समेत अन्य उत्पादकों ने बताया कि उद्यान विभाग की मशरूम कंपोस्ट इकाई फोरलेन के कारण उजड़ चुकी। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार और विभाग की ओर से इसे दोबारा से स्थापित नहीं किया।

मशरूम ग्रोवर एसोसिएशन जिला सोलन के प्रधान रत्न ठाकुर ने प्रदेश सरकार से की मांग

रत्न ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की है की जल्द सोलन में मशरूम कंपोस्ट यूनिट शुरू किया जाए। तब तक निजी यूनिट से खाद खरीद पर अनुदान प्रदान किया जाए। वर्तमान में निजी यूनिट से 110 से 140 रुपये तक बैग पड़ रहा है, जोकि ग्रोवरों के लिए घटे का सौदा बना हुआ है। जबकि पहले अनुदान पर 90 रुपये में चार बैग मिलते थे।


 


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