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यशवंत सिन्हा और जयंत सिन्हा आमने-सामने, मॉब लिचिंग को लेकर चल रहा है विवाद

 

यशवंत सिन्हा ने अपने बेटे जयंत सिन्हा की झारखंड के रायगढ़ में लिचिंग के आरोपियों को सम्मानित करने के मामले पर आलोचना की है. ट्वीट कर यशवंत सिन्हा ने कहा कि वह अपने बेटे के कृत्य का समर्थन नहीं करते. इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर पर आलोचना करने वालों को भी जवाब दिया.

 

दरअसल झारखंड हाई कोर्ट ने बीफ ले जाने के शक में मारे गए युवक अलीमुद्दीन की हत्या के 8 आरोपियों को जमानत दे दी है. जिसके बाद शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री और यशवंत सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा ने इन आरोपियों का माला पहनाकर स्वागत किया था. इसके साथ ही बीजेपी जिला कार्यालय में इनकी जमानत पर मिठाई बांटी गई थी.

 

यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर लिखा कि, 'कुछ दिन पहले तक मैं लायक बेटे का नालायक बाप था, लेकिन अब रोल उलट गया है. यही ट्विटर है. मैं अपने बेटे के कृत्य का समर्थन नहीं करता. लेकिन जानता हूं कि इसके बाद भी गालियां पड़ेंगी. तुम कभी जीत ही नहीं सकते.' इससे पहले बीजेपी की आलोचना करने पर भी यशवंत सिन्हा को लगातार ट्विटर पर ट्रोल किया जाता रहा है.

 

बता दें मॉब लिंचिंग के आरोपियों को जमानत मिलने पर न सिर्फ जयंत सिन्हा ने उनका स्वागत किया था बल्कि बीजेपी कार्यालय में इसका जश्न भी मनाया गया. इन आरोपियों की रिहाई के लिए लगातार आंदोलन करने वाले पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने बीजेपी कार्यालय पर ही प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की और जमानत मिलने पर खुशी का इजहार किया. उन्‍होंने कहा, वो कोर्ट के फैसले का सम्‍मान करते हैं. मॉब लिंचिंग के आरोपियों का इस तरह से स्‍वागत करना और मिठाई बांटने को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है.


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