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पंजाब में ड्रग्स के ओवरडोज से परेशान है सरकार, नशा छुड़ाने की ये दवा हो सकती है घातक

 

पंजाब में ड्रग्स के ओवरडोज से युवकों की हो रही मौत से पंजाब का माहौल गर्म है। पिछले 34 दिनों में पंजाब में 47 युवाओं की मौत हुई है।  स्वास्थ्य विभाग अभी तक इस मामले में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है कि आखिर कौन से ड्रग्स के ओवरडोज होने की वजह से मौतें हो रही हैं, लेकिन वह पड़ोसी राज्‍य से आ रही ब्यूप्रेनॉरफिन दवा को लेकर काफी चिंति‍त है। ब्यूप्रेनॉरफिन का प्रयोग नैलेक्सन के साथ कॉम्बीनेशन करके नशा छुड़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन अकेला ब्यूप्रेनॉरफिन खतरनाक है। स्वास्थ्य विभाग हरियाणा से आने वाले 'बूफ्रीनोरफिन' को लेकर सशंकित है।   

 

बता दें नशा छुड़ाओ केंद्रों पर नशा छुड़ाने के लिए डॉक्टर ब्यूप्रेनॉरफिन और नैलेक्सन का कॉम्बीनेशन करके देते हैं। इन दोनों ड्रग्स का अगर कॉम्बीनेशन न बने और अकेले ब्यूप्रेनॉरफिन का प्रयोग किया जाए, तो इससे जान जा सकती है। बूफ्रीनोरफिन पंजाब में आसानी से नहीं मिलती, जबकि हरियाणा के बॉर्डर क्षेत्र में यह आसानी से उपलब्ध है।

 

सूत्रों के अनुसार, नशे के आदी युवक हरियाणा बॉर्डर से ब्यूप्रेनॉरफिन  लाकर इसका प्रयोग कर रहे हैं। नशेड़ी इस दवा का प्रयोग टीके के रूप में भी कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी इसे लेकर चिंतत हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हरियाणा सीमा पर मिलने वाले ब्यूप्रेनॉरफिन की सप्लाई को रोकने के लिए खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल  से बात कर सकते हैं।

 

दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग अब भी ड्रग्स के ओवरडोज के कारण हो रही मौतों को कारण को नहीं जान पाया है। स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा का कहना है कि चूंकि अभी तक मौतों की जानकारी मीडिया से ही पता चली है। जीरा के दो मौतों को छोड़ कर अभी तक कहीं पर भी किसी परिवार ने पोस्टमार्टम नहीं करवाया है। जीरा वाले केस में ही एफआइआर दर्ज हुई है। जब तक लोग पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे, तब तक स्वास्थ्य विभाग के लिए यह चुनौती बनी रहेगी।


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