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उन्नाव गैंगरेप केस: माखी के पूर्व एसओ और दरोगा गिरफ्तार, दाखिल होगी चार्जशीट

 

माखी/उन्नाव:उन्नाव गैंगरेप केस में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। गैंगरेप की पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सीबीआई ने दो पुलिस अधिकारियों को गिरफअतार कर लिया है। सीबीआई ने बताया कि उन्होंने तत्कालीनसब इंस्पेक्टर अशोक सिंह भदौरिया, तत्कालीन एसओ और सब इंस्पेक्टर कामता प्रसाद सिंह को हिरासत में ले लिया है। कामता प्रसाद उस वक्त उन्नाव के माखी थानें में एसओ के पद पर तैनात थे।

दरअसल,रेप पीड़िता के पिता को आरोपी सेंगर के समर्थकों से झगड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद 9 अप्रैल को उन्नाव के एक अस्पताल में रहस्यमयी तरीके से उनकी मौत हो गई थी।सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी लखनऊ जोन को मामले की जांच करने का आदेश दिया था। साथ ही सीएम ने कहा था कि जल्द से जल्द दोषी को गिरफ्तार किया जाए।

सूत्रों के मुताबिक, 3 अप्रैल को कुछ लोग पीड़िता के घर में घुस गए। इसके बाद घर में ही पीड़िता के पिता की जमकर पिटाई की। पीड़ित परिवार ने बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई अतुल सेंगर और उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए माखी पुलिस थाने में गुहार लगाई थी। पीड़ित परिवार का आरोप था कि अतुल ने अपने सहयोगियों का नेतृत्व किया और उनसे हमला करने को कहा था। दूसरी तरफ पुलिस ने रेप पीड़िता के पिता को ही गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसी बीच पुलिस ने पीड़ित पिता की क्रूरता से पिटाई की जिसके बाद उसे जेल से अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बता दें कि बलात्कार पीड़िता ने आरोप लगाया था कि यह सब बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के कहने से हुआ था क्योंकी वह उसके खिलाफ गैंगरेप की शिकायत वापस लेने को तैयार नहीं थे। गौरतलब है कि बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उसका भाई अतुल सेंगर 20 साल की लड़की से गैंगरेप करने के मामले में जेल में बंद हैं।


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