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हरियाणा सरकार का नया फरमान, खिलाड़ी परेशान

 

हरियाणा सरकार ने एक बार फिर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए फरमान जारी किया है। खेल विभाग के इस नए फरमान ने खिलाड़ियों में हलचल मचा दी है। दरअसल विभाग के नए फरमान के अनुसार स्पोर्ट्स एंड फिजिकल फिटनेस पॉलिसी-2015 के अंतर्गत विभिन्न स्तर के खेलों में जूनियर, सब-जूनियर व यूथ कैटेगरी के मुकाबले खेलकर पदक जीतने वालों को कैश अवार्ड दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही सरकार का कहना है कि अब इस कैटेगरी की तुलना यूथ ओलंपिक गेम्स, यूथ एशियन गेम्स, यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स एंड नेशनल स्कूल गेम्स के पदक विजेताओं से नहीं होगी। बता दें ये पॉलिसी मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही तैयार की गई थी।

 

खेल विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका द्वारा जारी इन आदेशों में यह भी बताया गया है कि हरियाणा में कैश अवार्ड से संबंधित सभी केस हरियाणा सरकार केसमक्ष पुटअप कर दिए गए हैं। इस पॉलिसी के अंतर्गत उक्त संदर्भ भी हरियाणा सरकार के संज्ञान में ला दिया गया है। बहरहाल अब देखना यह है कि सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।

 

बता दें हरियाणा में जूनियर, सब-जूनियर व यूथ कैटेगरी के तहत पदक विजेता खिलाड़ियों को सन 1999 से कैश अवार्ड मिलता रहा है। जानकारी के अनुसार ये अवार्ड विभिन्न वर्ग के तहत 7 हज़ार से लेकर 30 हज़ार रुपये तक मिलता था। जिससे खिलाड़ियों की हौसला और भी बुलंद होता था।

 

मामले में खेल मंत्री का कहना है कि सरकार ने खिलाड़ियों को इनामी राशि देने पर कोई रोक नहीं लगाई है। खेल विभाग ने सिर्फ एक स्पष्टीकरण जारी किया है। खिलाड़ियों को पहले की तरह इनामी राशि दी जाती रहेगी। सिर्फ जूनियर और सीनियर खेल प्रतिस्पर्धाओं में अंतर  को स्पष्ट किया गया है।


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