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भइया दूज Special: पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्‍यान

 

नई दिल्ली: Bhaiya Dooj or Bhai Dooj: भाई-बहन के प्यार के प्रतीक का पर्व है भाई दूज. इस दिन बहनें भाइयों को अपने घर बुलाकर उन्हें तिलक (Bhai Dooj Tilak Shubh Muhurat) कर और आरती उतारकर भोजन कराती हैं. उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं. बदले में भाई बहन की रक्षा का वचन देते हैं और उन्हें तोहफे देते हैं. मान्यता है कि इस पर्व की शुरुआत मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना से हुई.

अगर बहन की शादी नहीं हुई है तो आज के दिन भाई को अपनी बहन के हाथ का बना भोजन खाना चाहिए. अगर अपनी कोई सगी बहन नहीं है तो चाचा, मामा आदि की पुत्री या पिता की बहन के घर जाकर भी भोजन कर सकते हैं.

भाई दूज या यम द्वितीय 2018 के दिन तिलक का समय:

द्वितीय तिथि का आरंभ : 8 नवंबर 2018, गुरुवार 09:07 बजे.
द्वितीय तिथि समाप्त : 9 नवंबर 2018, शुक्रवार 09:20 बजे.
भाई दूज के दिन टीका करने का मुहूर्त : शुक्रवार दोपहर 01:09 से 03:17 बजे तक
मुहूर्त की अवधि : 02 घंटे 08 मिनट

भाई दूज पूजन व तिलक लगाने की विधि:

भाई दूज का पूजन निश्चित पद्धति और रीति-रिवाज से किया जाता है. इसलिए इसकी विधि को ध्यान पूर्वक पढ़ें.

1. सबसे पहले सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें और इसके बाद भाई के तिलक के लिए थाल सजा लें.
2. तिलक के लिए सजाई गई थाल में कुमकुम, सिंदूर, चंदन, फल, फूल, मिठाई, अक्षत और सुपारी आदि सामग्री रखी जाएगी.
3. पिसे हुए चावल के आटे या घोल से चौक बनाएं और शुभ मुहूर्त में इस चौक पर भाई को बिठाएं.
4. इसके बाद उन्हें तिलक लगा दें.
5. तिलक करने के बाद फूल, पान, सुपारी, बताशे और काले चने भाई को दें और उनकी आरती उतारें.
6. तिलक और आरती के बाद बहनें भाई को मिठाई खिलाती हैं और भाई उन्हें कोई उपहार देते हैं.


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