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फरीदाबाद: गर्भवती महिला का 22 दिन चला इलाज हुई मौत, थमाया 18 लाख का बिल

 

फरीदाबाद- देश की राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर अमानवीयता का मामला सामने आया है. बुखार से पीड़ित गर्भवती महिला को फरीदाबाद के एशियन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान महिला के साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई. हद तो तब हो गई, जब अस्पताल ने 22 दिन के इलाज का बिल 18 लाख रुपये बताया और तत्काल चुकाने को कहा।परिजनों का कहना है कि महिला का डॉक्टर इलाज के दौरान ना तो उस महिला को बचा पाए और न ही पेट में पल रही 7 महीने की बच्ची को। 

एशियन हॉस्पिटल द्वारा बुखार से पीड़ित महिला का 22 दिन के इलाज के दौरान 18 लाख रुपये से भी ज्यादा का बिल भुगतान के मुद्दे पर अब परिजन अस्पताल के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं.

 

मृतक के चाचा ने बताया कि उसे बुखार था लेकिन उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था. बाद में हॉस्पिटल ने कहा कि उसे टाइफाइड है. इसके बाद हॉस्पिटल ने कहा कि उसके आंत में छेद है. उन्होंने हमें ऑपरेशन के लिए 3 लाख रुपए जमा करने के लिए कहा और कहा कि पूरी रकम जमा होने के बाद यह किया जाएगा. हमने अब तक 10-12 लाख रुपए जमा किए हैं और हॉस्पिटल हमसे 18 लाख रुपए की मांग कर रहा है.

एशियन हॉस्पिटल के क्वालिटी और सेफ्टी विभाग के चेयरमैन डॉ रमेश चंद्रा ने इस पूरे मामले पर कहा कि महिला 32 सप्ताह की गर्भवती थी. उसे 8-10 दिनों से बुखार था. हमने टाइफाइड पर संदेह किया और आईसीयू में इलाज शुरू किया. उसका बच्चा बच नहीं सकता था. हमने पाया कि उसके आंत में छेद था. इसके लिए सर्जरी की गई थी लेकिन हम उसे बचा नहीं पाए.

इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके है. गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल ने डेंगू के इलाज के लिए 16 लाख का बिल थमाया था. सात साल की बच्ची आद्या को डेंगू के चलते माता-पिता ने फोर्टिस में भर्ती कराया था, जहां 15 दिनों तक इलाज के बाद भी बच्ची की मौत हो गई.

जिसके बाद अस्पताल ने उन्हें 16 लाख का 19 पेज लंबा बिल थमा दिया. इसमें अस्पताल की ओर से 661 सीरिंज, 2,700 ग्लव्स के अलावा और भी कई चीजों को शामिल किया गया था.       


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