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अमृतसरः निरंकारी भवन पर ग्रेनेड हमला, तीन लोगों की मौत, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी

 

पंजाब के अमृतसर के राजासांसी क्षेत्र के आदिवाल गांव में बम धमाका किया गया है। इस विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई है और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। राजासांसी गांव के निरंकारी भवन में रविवार दोपहर को नकाबपोश मोटरसाइकल सवारों ने ग्रेनेड से अटैक किया, जिसके बाद वहां जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइकसवार दो नकाबपोश हमलावर डेरे के गेट पर पहुंचे और वहां पर एक हमलावर ने गेट पर खड़े लोगों को गनप्वाइंट पर लिया, जबकि दूसरा जिसके पास ग्रेनेड था वह डेरे के अंदर गया। ग्रेनेड अंदर फैंकने के बाद वह बाइक पर वापिस गेट पर आया और अपने दूसरे साथी को बाइक पर बिठाकर फरार हो गया। हमलावरों की सोची समझी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया, क्योंकि उन्हें मालूम था कि रविवार के दिन निरंकारी भवन में सत्संग में काफी भीड़ रहती है। जिस जगह यह घटना हुई वह एक ग्रामीण इलाका है और निरंकारी भवन में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे, जिसके चलते हमलावरों की पहचान करना भी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस हमले में विदेशी कट्टरपंथयों का भी हाथ हो सकता है। इसके अलावा विभिन्न डेरों और आश्रमों में विवाद भी चलते रहते हैं। ऐसे में इस एंगल से भी जांच की जा रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह भी सपष्ट किया है कि जैश-ए-मोहम्मद के पूर्व कमांडर और अंसार गजवत उल हिंद के मुखिया जाकिर मूसा का इस घटना का कोई संबंध नहीं है।

धमाके के बाद पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई है, फरार हमलावरों की तलाश जारी है घटना के बाद हरियाणा और दिल्ली में भी अलर्ट जारी कर दिया है। निरंकारी आश्रमों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही पुलिस ने राजस्थान बॉर्डर भी सील कर दिया है। हमले की खबर मिलते ही पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोरा चंडीगढ़ से अमृतसर के लिए रवाना हो गए हैं। 

पंजाब में आतंकी जाकिर मूसा की मूवमेंट को लेकर स्टेट इंटेलिजेंस ने पंजाब पुलिस को पहले ही अलर्ट रहने की चेतावनी दी थी। इस बारे में राज्य के आलाधिकारियों को पत्र भी लिखा था, जिसमें कहा गया था कि पंजाब में जैश-ए-मोहम्मद के 6 से 7 आतंकी छिपे होने की आशंका है। ये आतंकवादी पंजाब के फिरोजपुर से दिल्ली में दाखिल होना चाहते हैं। खूफिया एजेंसियों ने पंजाब के भीड़-भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों पर हमले के अंदेशे की सूचना भी पुलिस प्रशासन को दी थी। जिसके बाद पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।

ब्लास्ट की इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया खड़े कर दिए हैं। हमलों की सूचना होने के बावजूद पुलिस कुछ नहीं कर पाई। 14 नवंबर को फिरोजपुर बॉर्डर पर चार हथियारबंद लोग एक इनोवा कार छीन कर भागे थे, ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि यह जैश-ए-मोहम्मद आतंकी हो सकते हैं। इन चारों को भी पुलिस पकड़ने में नाकामयाब रही है।  पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर सिर्फ पंजाब के विभिन्न हिस्सों में  जैश-ए-मोहम्मद के पूर्व कमांडर और अंसार गजवत उल हिंद के मुखिया जाकिर मूसा के पोस्टर जारी किए। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब के हालात पर चिंता जतायी थी और कहा था कि यदि जल्द ही कुछ ना किया गया तो फिर बहुत देर हो सकती है। 


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