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आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री पर HC का बड़ा फैसला, सोमवार तक टल सकती है तलवार दंपत्ति की रिहाई

 

नई दिल्ली: बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में तलवार दंपित की ओर से उम्रकैद के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला आ गया है। इस हत्याकांड के 8 साल बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। आपको बता दें कि तलवार दंपति ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। 26 नवंबर, 2013 को तलवार दंपति को सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद इस मर्डर मिस्ट्री में अब तक कई मोड सामने आए हैं।

8 साल बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति को उनकी बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में बड़ी राहत देते हुए उन्हे बरी कर दिया है। इस मामले में 2008 के सुनवाई जारी थी। तलवार दंपति को 4 वर्ष पहले सजा हुई थी, तभी से दोनो जेल में थे। सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राजेश तलवार और नुपुर तलवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी, जिस पर गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी सजा तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कभी नहीं दी है। संदेह के आधार पर तलवार दंपति को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए, क्योंकि सीबीआई जांच में कई तरह की खामियां है।

अब तक इस हत्याकांड में कई मोड़ आए है, इसे ऑनर किलिंग के साथ जोड़कर भी देखा गया। मिस्ट्री केस होने की वजह से यह काफी समय तक मीडिया में चर्चा बना रहा है। इस हत्याकांड पर 2 फिल्में भी बन चुकी हैं, लेकिन पूरी सच्चाई उनके जरिए भी सामने नहीं आ पाई। सबूतों के अभाव में तलवार दंपत्ति को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है, लेकिन आज भी देश की सबसे भरोसेमद जांच एजेंसी सीबीआई सालों तक मर्डर मिस्ट्री के राज पर पड़े पर्दे को हटाकर सच्चाई सामने नहीं ला पाई है।

अब तक का घटनाक्रम

16 मई, 2008         
-आरुषि की लाश नोएडा में अपने घर में बिस्तर पर मिली
-आरुषि की गला काट कर हत्या की गई थी

17 मई, 2008 
-हेमराज की लाश जल वायु विहार में तलवार दंपति की घर की छत पर मिली

22 मई, 2008      
-पुलिस ने पहली बार माना कि मामला ऑनर किलिंग का हो सकता है
-इस आधार पर तलवार दंपति से पूछताछ की गई
-आरुषी की हत्या की सुई पूरी तरह से तलवार फैमिली पर लटक गई

23 मई, 2008      
-आरुषि-हेमराज की हत्या के लिए राजेश तलवार का नाम बार-बार सामने आया
-पुलिस डबल मर्डर केस में राजेश को अरेस्ट कर लिया गया

31 मई, 2008
-डबल मर्डर केस की जांच CBI के हवाले की गई

10 जून, 2008
-हिरासत में लिए गए डॉ. तलवार के कंपाउंडर कृष्णा का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया गया

13 जून, 2008
-नार्को टेस्ट के बाद CBI ने कृष्णा को गिरफ्तार किया
-कृष्णा पर हत्या का आरोप लगाया गया

11 जुलाई, 2008       

-CBI ने कहा कि डॉ. राजेश बेगुनाह हैं और असली कातिल कंपाउंडर कृष्णा है

12 जुलाई, 2008       
-राजेश तलवार को गाजियाबाद की डासना जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया

12 सितंबर, 2009        
-CBI  90 दिनों तक चार्जशीट फाइल नहीं कर सकी
-कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल को CBI कोर्ट से जमानत मिली
-साल 2009 में ही जांच के लिए पहली टीम हटाकर CBI की दूसरी टीम बनाई गई

फरवरी, 2010            
-15-20 के बीच डॉ. तलवार का नार्को एनालिसिस टेस्ट किया गया
-29 दिसंबर को CBI ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर की
-इस रिपोर्ट में नौकर को क्लीनचिट दे दी गई
-रिपोर्ट में तलवार दंपति को मुख्य आरोपी करार दिया गया

25 जनवरी, 2011        
-गाजियाबाद की स्पेशल CBI कोर्ट में राजेश तलवार पर उत्सव शर्मा ने हमला किया
-इस हमले में डॉ. तलवार के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं

9 फरवरी, 2011         
-गाजियाबाद की विशेष अदालत ने तलवार दंपति पर तय किए आरोप।
-सबूत मिटाने और आरुषि हत्याकांड में शामिल होने का आरोप तय किया गया।

21 फरवरी, 2011         
-तलवार दंपत्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया

18 मार्च, 2011          
-इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति की अर्जी खारिज कर दी

19 मार्च, 2011          
-तलवार दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल दी

साल 2012             
-डबल मर्डर के 4 साल बाद आरुषि की मां नूपुर तलवार ने कोर्ट में सरेंडर किया

26 नवंबर, 2013        
-न्यायालय का फैसला आया
-CBI के विशेष न्यायाधीश ने तलवार दंपति को दोषी करार दिया

21 जनवरी, 2014       
-तलवार दंपत्ति ने लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की

12 अक्तूबर, 2017       
-इलाहाबाद हाईकोर्ट सबूतों के अभाव में तलवार दंपत्ति को बरी किया


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